नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गान को अनिवार्य बनाने वाले कानूनों को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित पड़ी इस से जुड़ी याचिका को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग पर भी जवाब तलब किया है।
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने वंदे मातरम गान को अनिवार्य बनाने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कड़ा संज्ञान लिया है।
- अदालत ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर मामले में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।
- दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से विचाराधीन याचिका को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है।
कानूनी पहलुओं पर विचार
न्यायालय के इस कदम से देश भर में राष्ट्रीय गीत के गायन और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों को लेकर चल रही बहसों और याचिकाओं को एक मंच पर लाने की संभावना बढ़ गई है। अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब केंद्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करना होगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस विषय पर देश भर की अदालतों में लंबित मामलों को एक साथ समेकित करके सुनवाई की जानी चाहिए ताकि कानूनी स्पष्टता बनी रहे।
पृष्ठभूमि और आगे की प्रक्रिया
वंदे मातरम के गायन को देश भर में संवैधानिक और कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने या न बनाने को लेकर समय-समय पर विभिन्न याचिकाएं दायर की जाती रही हैं। ताजा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही को सीधे सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने की गुहार लगाई गई थी, जिस पर सर्वोच्च अदालत ने यह शुरुआती नोटिस जारी किया है। अदालत इस मामले में आगे की तारीख पर विस्तृत सुनवाई करेगी, जिसमें सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।











