नई दिल्ली. सशस्त्र बलों में सेवा दे रहे पहले 18,300 अग्निवीरों का पहला बैच आगामी 31 दिसंबर तक सेवामुक्त होने जा रहा है। इन सभी युवाओं का 4 साल का निर्धारित कार्यकाल इसी अवधि में पूरा हो रहा है, जिसके बाद वे देश की रक्षा सेवा से विदा लेंगे। इस पहले बैच के पूर्ण होने के साथ ही देश में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए जवानों का पहला चरण अपने निर्धारित मुकाम पर पहुंच रहा है।
मुख्य बातें
- पहला बैच: 18,300 अग्निवीर 31 दिसंबर तक सशस्त्र बलों से कार्यमुक्त होंगे।
- कार्यकाल: सभी जवानों ने सफलतापूर्वक अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है।
- रोजगार के अवसर: सेवा पूरी करने वाले ये युवा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस में नौकरी के पात्र होंगे।
- अन्य क्षेत्र: रेलवे और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में भी इन्हें रोजगार के विशेष अवसर मिलेंगे।
रोजगार और पुनर्वास की योजनाएं
सरकार द्वारा पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी विभागों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी सीएपीएफ और राज्य पुलिस बलों में इन प्रशिक्षित युवाओं को समायोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे और रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भी इनकी भर्ती के रास्ते खोले गए हैं, जिससे इनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
अग्निपथ योजना की पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने भारतीय सेना में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा और तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है। इस योजना के तहत युवाओं को 4 साल की अवधि के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा देने का अवसर मिलता है। कार्यकाल पूरा होने के बाद एक तय प्रक्रिया और कोटे के तहत चुनिंदा युवाओं को स्थाई सेवा में भी रखा जाता है, जबकि अन्य को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाते हैं।
आगे की प्रक्रिया
रक्षा मंत्रालय और संबंधित विभागों द्वारा इन सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर नए रोजगार के क्षेत्रों में समायोजित किया जा सके। प्रशासनिक स्तर पर इन जवानों के पुनर्वास को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं ताकि वे बिना किसी कठिनाई के नागरिक जीवन और नए करियर में प्रवेश कर सकें।











