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सामान्य

तिब्बत में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, 7.0 तीव्रता वाले शक्तिशाली झटके के 2 दिन बाद 4.5 तीव्रता का नया झटका

तिब्बत में 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के दो दिन बाद शनिवार को 4.5 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इस प्राकृतिक आपदा में पहले ही 16 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

तिब्बत में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, 7.0 तीव्रता वाले शक्तिशाली झटके के 2 दिन बाद 4.5 तीव्रता का नया झटका

AI-निर्मित तस्वीर

ल्हासा. तिब्बत में एक बार फिर धरती डोल उठी है, जहाँ शनिवार को स्थानीय समयानुसार 4.5 तीव्रता का नया भूकंप दर्ज किया गया। यह नया झटका उस विनाशकारी 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के ठीक दो दिन बाद आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी और कम से कम 16 लोगों की जान ले ली थी।

इस ताज़ा झटके के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों में लगातार आ रहे भूकंपों के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है, और राहत-बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्य बातें

  • नया झटका: तिब्बत में शनिवार को स्थानीय समयानुसार 4.5 तीव्रता का नया भूकंप दर्ज किया गया।
  • पिछला बड़ा हादसा: इस झटके से महज दो दिन पहले 7.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था।
  • हताहतों की संख्या: पिछले शक्तिशाली भूकंप के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • प्रशासनिक सतर्कता: लगातार आ रहे झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल हाई अलर्ट पर हैं।

झटकों का सिलसिला और प्रभाव

क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता के मुख्य भूकंप के बाद से ही आफ्टरशॉक्स का सिलसिला जारी है। शनिवार को आया 4.5 तीव्रता का झटका उसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि इस नए झटके से किसी ताजा नुकसान की तत्काल विस्तृत रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती झटकों से हुए व्यापक नुकसान के कारण प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

राहत और बचाव कार्य

प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं पिछले भूकंप में हुई मौतों और नुकसान के बाद से ही राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मलबे को हटाने और बेघर हुए लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आने वाले दिनों में और झटकों की संभावना को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।



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