कानपुर | उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित प्रसिद्ध बारादेवी मंदिर परिसर के समीप गुरुवार के दिन अचानक आग लग जाने से अफ़रातफ़री का माहौल बन गया। एक कतार में स्थित व्यावसायिक दुकानें तेज़ी से उठती लपटों की ग्रास में आ गईं। कुछ ही समय में आग की विभीषिका इतनी बढ़ गई कि लगभग छह दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में क्षेत्र के कारोबारियों का लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो चुका है।
हादसे के उपरांत वहाँ मौजूद व्यवसायियों में गहरा आक्रोश फैल गया और वे विरोध जताने के लिए मार्ग पर उतर आए। मामले की संवेदनशीलता को भाँपते हुए क्षेत्रीय भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया।
मुख्य बातें
- कानपुर स्थित प्रसिद्ध बारादेवी मंदिर के पास गुरुवार को अग्निकांड की घटना सामने आई।
- दुकानों की श्रृंखला में अचानक लपटें उठने से आसपास के क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
- हादसे की तीव्रता के कारण लगभग छह दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
- दमकल विभाग व स्थानीय ख़बरों के अनुसार, दुकानदारों की लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई।
- आक्रोशित व्यापारी मार्ग पर एकत्र हो गए, जिसके पश्चात स्थानीय विधायक महेश त्रिवेदी ने मौक़े पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक तंत्र और अग्निशामक विभाग की गाड़ियाँ तुरंत मौक़े पर पहुँचीं और कड़ी मशक़्क़त के बाद लपटों पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के मूल कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है, और दमकल टीम के साथ पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। इस अप्रत्याशित घटना से प्रभावित व्यापारियों को भारी वित्तीय क्षति उठानी पड़ी है, जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा प्रबंधों और अग्निशमन तंत्र की सजगता पर भी सवाल उठ रहे हैं।











