वन्यजीवों के लिए सुरक्षित गलियारों की बढ़ती मांग
भारत में लगातार बढ़ रहे सड़क और परिवहन नेटवर्क के बीच वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि देश के तेजी से व्यस्त होते राजमार्गों पर वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने हेतु विशेष बुनियादी ढांचे की सख्त जरूरत है। वैश्विक स्तर पर इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं, जहां आधुनिक ओवरपास के जरिए जानवरों को सुरक्षित रास्ते मुहैया कराए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध मॉडल
दुनिया के अन्य हिस्सों में वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बेहतरीन उदाहरण देखने को मिलते हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, विदेशों में एक ऐसा एनिमल ओवरपास भी मौजूद है जो लगभग एक किलोमीटर लंबा है। यह अनूठा ओवरपास एक बड़े हाईवे, एक रेलयार्ड और एक गोल्फ कोर्स को पार करते हुए बनाया गया है, जो इंसानी विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक अनूठा उदाहरण पेश करता है।
भारत के राजमार्गों की स्थिति और भविष्य की जरूरतें
देश में सड़क मार्ग और एक्सप्रेसवे का जाल तेजी से फैल रहा है, जिससे कई जगहों पर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास खंडित हो रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए पर्यावरणविदों और परिवहन योजनाकारों का कहना है कि भविष्य के हाईवे प्रोजेक्ट्स में वन्यजीवों के लिए विशेष 'फैसिलिटेटर्स' यानी ओवरपास या अंडरपास को शामिल करना अनिवार्य होना चाहिए ताकि हादसों को रोका जा सके और जैव विविधता की रक्षा की जा सके।










