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सामान्य

राम मंदिर के सभी कर्मचारियों का होगा 100 प्रतिशत पुलिस सत्यापन, परिवार और रिश्तेदारों की जानकारी भी देनी होगी

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए ट्रस्ट का फैसला; पुलिस सत्यापन और चरित्र प्रमाणपत्र होंगे अनिवार्य, मंदिर प्रशासन में भी किए जा रहे कई बदलाव

राम मंदिर के सभी कर्मचारियों का होगा 100 प्रतिशत पुलिस सत्यापन, परिवार और रिश्तेदारों की जानकारी भी देनी होगी

AI-निर्मित तस्वीर

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का 100 प्रतिशत सत्यापन कराने का फैसला किया है। इसके तहत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, चरित्र प्रमाणपत्र और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी लेना अनिवार्य किया जाएगा।

ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारियों से उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की जानकारी भी मांगी गई है। पुलिस की ओर से जारी किया गया चरित्र प्रमाणपत्र भी अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था मंदिर में काम करने वाले सभी कर्मचारियों पर लागू करने की तैयारी है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्यों लिया गया फैसला?

मंदिर प्रशासन की सुरक्षा और कामकाज की समीक्षा ऐसे समय तेज की गई है, जब इसी वर्ष जून में मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था और मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया गया है।

ट्रस्ट की ओर से अब कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच के साथ उनकी निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

पुलिस सत्यापन के साथ चरित्र प्रमाणपत्र भी जरूरी

नई व्यवस्था के तहत केवल पहचान या नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज पर्याप्त नहीं होंगे। कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा और पुलिस से जारी चरित्र प्रमाणपत्र भी लिया जाएगा।

इसके साथ कर्मचारियों के परिवार और करीबी रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों से संबंधित जानकारी का एक विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करना है।

मंदिर प्रशासन में भी बदलाव

यह कदम मंदिर प्रशासन में चल रहे व्यापक बदलावों का हिस्सा बताया जा रहा है। पिछले महीने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। उनके कार्यभार संभालने के बाद सुरक्षा, कर्मचारियों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा तेज हुई है।

ट्रस्ट की ओर से कर्मचारियों की निगरानी बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में अन्य बदलाव भी जारी

राम मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मियों के निजी मोबाइल जमा कराए जाएंगे और परिवार की ओर से किसी जरूरी सूचना की स्थिति में आधिकारिक सेवा केंद्र के माध्यम से संपर्क की व्यवस्था की गई है।

ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा है कि ट्रस्ट की ओर से लिए जा रहे फैसलों को मंदिर से जुड़े सभी लोगों को स्वीकार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा-पाठ की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

अब आगे क्या?

100 प्रतिशत पुलिस सत्यापन और चरित्र प्रमाणपत्र की व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाएगा। परिवार और रिश्तेदारों की जानकारी भी लिए जाने से प्रशासन के पास कर्मचारियों से जुड़ा विस्तृत पृष्ठभूमि रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।

फिलहाल ट्रस्ट का यह कदम मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। व्यवस्था के लागू होने के बाद इसके तहत कितने कर्मचारियों का सत्यापन पूरा हुआ और नई प्रणाली में क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जोड़े जाते हैं, इस पर आगे की जानकारी सामने आएगी।



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