नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में नियमों के विरुद्ध चल रही बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। 9 से 11 अक्टूबर तक चले तीन दिवसीय अभियान में 47 बसों को सीज किया गया, जबकि 76 बसों के चालान काटे गए। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त बसों को केवल जुर्माना भरने के आधार पर नहीं छोड़ा जाएगा। पहले उनकी तकनीकी जांच कराई जाएगी और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई स्थानों पर जांच
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने महा माया फ्लाईओवर, सेक्टर-62, जीरो पॉइंट, दादरी और बादलपुर क्षेत्र सहित जिले के प्रमुख स्थानों पर बसों की जांच की। कार्रवाई के दौरान अनधिकृत रूप से संचालित और जरूरी दस्तावेजों या वैध फिटनेस से जुड़ी शर्तों का पालन नहीं करने वाली बसों पर कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जिन बसों को सीज किया गया है, उनकी तकनीकी स्थिति की विस्तृत जांच होगी। जांच में कमियां मिलने पर संबंधित बसों का पंजीकरण और फिटनेस प्रमाणपत्र निलंबित किया जा सकता है।
नौ यात्रियों की मौत के बाद बढ़ी सख्ती
यह कार्रवाई 23 सितंबर को यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत की घटना के बाद बसों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के बीच हुई है। इससे पहले 28 से 30 सितंबर के दौरान भी परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर 52 बसें सीज की थीं।
ताजा अभियान में बसों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया गया। स्लीपर बसों के लिए लागू एआईएस-119 मानकों में यात्रियों की सुरक्षा, सोने की बर्थ की व्यवस्था और आपातकालीन निकास जैसी तकनीकी आवश्यकताएं शामिल हैं।
बसें सीज होने पर यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
कार्रवाई के दौरान कुछ बसों में सफर कर रहे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक बसों की व्यवस्था भी की गई। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों का उल्लंघन कर बस चलाने वाले संचालकों पर कार्रवाई करना है।
तकनीकी जांच के बाद होगा अगला फैसला
एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय के अनुसार, सीज की गई बसों की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। जो बसें निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उनके खिलाफ पंजीकरण और फिटनेस प्रमाणपत्र निलंबित करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अभियान जारी रहेगा। अब तकनीकी जांच की रिपोर्ट से तय होगा कि जब्त बसों में कौन-सी बसें दोबारा संचालन के योग्य हैं और किनके खिलाफ आगे की कार्रवाई जरूरी है।











