नई दिल्ली। दिल्ली में एक कैब चालक ने 15 महीने से भी कम समय में 208 ट्रैफिक चालान कटवाकर पुलिस को भी हैरान कर दिया। इनमें 206 चालान तेज रफ्तार यानी ओवरस्पीडिंग के हैं। इन चालानों पर कुल बकाया जुर्माना 4.12 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद चालक लगातार कैब चलाता रहा और किसी भी चालान का भुगतान नहीं किया।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने चालक को बार-बार नियम तोड़ने वाला यानी आदतन यातायात नियम उल्लंघनकर्ता माना है और उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, चालक की पहचान 38 वर्षीय कैब मालिक-चालक के रूप में हुई है, जो दिल्ली नंबर वाली काली मारुति अर्टिगा चलाता था।
206 चालान सिर्फ तेज रफ्तार के
पुलिस के अनुसार, चालक का पहला चालान 27 जून 2025 को हुआ था, जबकि 208वां चालान 6 सितंबर 2026 को जारी किया गया। यानी करीब 15 महीने के भीतर उसके खिलाफ 208 मामले दर्ज हुए।
इनमें 206 चालान ओवरस्पीडिंग के थे। दिल्ली में तेज रफ्तार के प्रत्येक उल्लंघन पर 2,000 रुपये का जुर्माना है। इसके अलावा चालक के खिलाफ स्टॉप लाइन का उल्लंघन और ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने का मामला भी सामने आया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कई ओवरस्पीडिंग उल्लंघन कैमरों के जरिए दर्ज किए गए थे। पश्चिमी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कैमरों से मिले आंकड़ों का विश्लेषण कर ऐसे वाहन चालकों की पहचान की, जो लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
गलत नंबर और पता, पुलिस को तलाशने में लगे 20 दिन
पुलिस के लिए इस चालक को ढूंढना भी आसान नहीं था। उसके ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा मोबाइल नंबर गलत था और वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज दिल्ली का पता भी अस्तित्व में नहीं मिला।
करीब 20 दिनों की तलाश के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से चालक और उसकी कैब को ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में खोज निकाला। पुलिस के अनुसार, दिल्ली में जिन उल्लंघनों के चालान हुए, उस समय कैब चालक खुद वाहन चला रहा था।
तीन से छह महीने तक लाइसेंस निलंबित हो सकता है
परिवहन विभाग की ओर से चालक को नोटिस जारी कर संबंधित अधिकारी के सामने पेश होने और अपना ड्राइविंग लाइसेंस जमा करने के लिए कहा जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, उसके लाइसेंस को तीन से छह महीने के लिए निलंबित किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस को चालक के वकील के जरिए जानकारी मिली है कि वह बकाया चालान का भुगतान करने के लिए तैयार है। अधिकारियों के अनुसार, सप्ताह के अंत तक कम से कम 10 चालानों का भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
कैमरा रिकॉर्ड से सामने आए कई आदतन उल्लंघनकर्ता
ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई में केवल यही चालक नहीं मिला। अधिकारियों ने कैमरा रिकॉर्ड और चालान के आंकड़ों का विश्लेषण कर कई ऐसे वाहन चालकों की पहचान की, जिनके खिलाफ लगातार नियम तोड़ने के मामले दर्ज हुए थे।
पुलिस के अनुसार, दो अन्य चालकों के खिलाफ क्रमशः 134 और 107 चालान मिले। इनमें भी बड़ी संख्या में मामले ओवरस्पीडिंग से जुड़े थे। पुलिस ने ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए संबंधित परिवहन अधिकारियों को प्रस्ताव भेजे हैं।
बकाया चालान पर सख्ती बढ़ा रहा है तंत्र
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब लंबित ई-चालानों को लेकर प्रवर्तन व्यवस्था को सख्त किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बकाया यातायात जुर्माने वाले वाहनों के खिलाफ वाहन संबंधी सेवाओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसमें पंजीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण, फिटनेस और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं पर रोक लगाने के उपाय शामिल हैं।
208 चालानों वाला यह मामला दिखाता है कि कैमरा आधारित निगरानी के जरिए बार-बार यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।











