नई दिल्ली। खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि सामने आई है। कनाडा स्थित Canadian Hydrogen Intensity Mapping Experiment यानी CHIME रेडियो टेलीस्कोप ने पहली बार अपने ही डेटा का इस्तेमाल करते हुए उस हाइड्रोजन की बेहद कमजोर रेडियो चमक का standalone detection किया है, जो उस समय की है जब ब्रह्मांड की उम्र करीब 5 अरब साल थी। इसका मतलब है कि यह संकेत पृथ्वी तक लगभग 9 अरब साल की यात्रा के बाद पहुंचा है।
इस अंतरराष्ट्रीय शोध में भारत के Raman Research Institute (RRI), बेंगलुरु के वैज्ञानिक भी शामिल रहे हैं। RRI भारत के Department of Science and Technology से जुड़ा एक स्वायत्त संस्थान है।
हाइड्रोजन की यह चमक इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
हाइड्रोजन ब्रह्मांड का सबसे सामान्य तत्व है और तारों के निर्माण के लिए प्रमुख कच्चा पदार्थ भी है। Neutral hydrogen एक बेहद कमजोर 21-centimetre radio signal उत्सर्जित करता है। वैज्ञानिक इस संकेत को पूरे ब्रह्मांड में हाइड्रोजन और पदार्थ के वितरण का पता लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
CHIME का नया परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब इस तरह की जानकारी प्राप्त करने के लिए केवल दूसरे टेलीस्कोपों के galaxy surveys पर निर्भर रहना जरूरी नहीं होगा।
पहली बार CHIME ने अकेले अपने डेटा से पकड़ा संकेत
पहले CHIME के observations को अन्य दूरबीनों से मिले galaxy survey data के साथ cross-correlate करना पड़ता था। इस नई उपलब्धि में शोधकर्ताओं ने CHIME के अपने observations से ही hydrogen signal को अलग किया।
इससे एक ऐसा तरीका विकसित होता है जिससे बहुत बड़े cosmic volume में हाइड्रोजन के वितरण का अध्ययन किया जा सकता है। RRI के वैज्ञानिकों के अनुसार, इससे cosmic expansion और dark energy के अध्ययन के लिए एक नया रास्ता खुल सकता है।
कई स्तर के noise के बीच खोजा गया signal
यह detection किसी एक observation में अचानक नहीं मिला। वैज्ञानिकों ने नए data-processing और analysis techniques की मदद से बेहद कमजोर hydrogen signal को background noise, मानव गतिविधियों से पैदा होने वाले radio interference और telescope के अपने instrumental effects से अलग किया।
टीम ने इस signal को सही साबित करने के लिए एक साल से ज्यादा समय तक इसकी जांच की। यह निष्कर्ष 2019 में की गई 94 रातों की observations पर आधारित है।
RRI के वैज्ञानिक की अहम भूमिका
Raman Research Institute के Associate Professor Dr. Saurabh Singh CHIME collaboration में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि CHIME बिना moving parts के बहुत बड़े हिस्से के आकाश को लगातार scan करता है और radio wavelengths पर आकाश का विस्तृत measurement उपलब्ध कराता है।
इस अध्ययन से जुड़ी वैज्ञानिक टीम में Dr. Arnab Chakraborty भी शामिल हैं, जिन्होंने इस detection का प्रस्ताव रखा था।
हाइड्रोजन के वितरण से क्या पता चलेगा?
साथ में प्रकाशित analysis में वैज्ञानिकों ने इस बात का भी अध्ययन किया कि उस समय ब्रह्मांड में hydrogen किस तरह फैला हुआ था और किस हद तक clustered था। शोधकर्ताओं के अनुसार, उस समय ब्रह्मांड के हाइड्रोजन का करीब 2 प्रतिशत हिस्सा neutral atomic form में था।
हाइड्रोजन के distribution और clustering को समझने से वैज्ञानिक galaxy formation और evolution के मौजूदा models की जांच कर सकते हैं।
Dark Energy की पहेली सुलझाने में मदद की उम्मीद
CHIME को शुरू से ही cosmic expansion का अध्ययन करने के लिए तैयार किया गया था। ब्रह्मांड के विस्तार की गति को बड़े पैमाने पर मापकर वैज्ञानिक dark energy के व्यवहार को बेहतर समझने की कोशिश कर रहे हैं।
Dark energy उस रहस्यमय घटक का नाम है जिसे ब्रह्मांड के accelerated expansion से जोड़ा जाता है। अभी इसकी प्रकृति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और इसे समझना आधुनिक cosmology की बड़ी चुनौतियों में से एक है।
अभी यह शुरुआत है
इस detection के लिए CHIME के उपलब्ध लगभग सात वर्षों के observation data में से केवल एक छोटा हिस्सा इस्तेमाल किया गया है। वैज्ञानिक अब इस analysis को और पीछे की cosmic history तक ले जाने पर काम कर रहे हैं, जिसमें उस दौर का अध्ययन भी शामिल होगा जब ब्रह्मांड की उम्र करीब 3 अरब साल थी।
इस खोज के बाद 21-centimetre hydrogen intensity mapping के जरिए ब्रह्मांड के बड़े पैमाने के ढांचे, galaxy formation और cosmic expansion को समझने की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।







