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राजनीति

राज्य प्रायोजित आतंकवाद का आरोप, ममता बनर्जी ने की कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की रिहाई की मांग

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।

राज्य प्रायोजित आतंकवाद का आरोप, ममता बनर्जी ने की कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की रिहाई की मांग

AI-निर्मित तस्वीर

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार देते हुए दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है। यह पूरा मामला जंतर मंतर पर सुरक्षा में सेंध लगाकर प्रवेश करने और शांति बॉन्ड के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।

मुख्य बातें

  • गिरफ्तार नेता: सौरव दास और आशुतोष रंका (कॉकरोच जनता पार्टी)
  • हिरासत की स्थिति: दिल्ली की एक अदालत ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत को 21 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
  • वर्तमान ठिकाना: दोनों नेता तिहाड़ जेल में बंद हैं।
  • घटना की तिथि: दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर सुरक्षा उल्लंघन और अनधिकृत प्रवेश के बाद गिरफ्तार किया गया था।

कानूनी कार्रवाई और अदालत का फैसला

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत को बढ़ाकर 21 अक्टूबर तक कर दिया। अदालत ने यह फैसला शांति बॉन्ड के उल्लंघन और सार्वजनिक शांति को लेकर उत्पन्न चिंताओं के आधार पर लिया है। इससे पहले दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, क्योंकि उन्होंने जंतर मंतर पर प्रवेश किया था जिसे एक विरोध क्षेत्र के रूप में डीनोटिफाइड किया जा चुका है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध प्रदर्शन

ममता बनर्जी के अलावा अन्य राजनीतिक हलकों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवा प्रदर्शनकारियों को डराने और असहमति को दबाने के लिए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। आलोचकों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध जताने वालों की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है, जबकि अधिकारियों का तर्क है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कानूनी कदम आवश्यक था।

आगे की स्थिति

सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर को समाप्त हो रही है, जिसके बाद उन्हें फिर से अदालत में पेश किया जा सकता है। इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।



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