नई दिल्ली. भारत और पोलैंड ने गुरुवार को रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पोलिश समकक्ष डोनाल्ड टस्क के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने आपसी रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की तीव्र आर्थिक वृद्धि का लाभ उठाते हुए व्यापारिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
- दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक अपने आपसी व्यापार को मौजूदा स्तर से दोगुना यानी $12 अरब तक पहुंचाने का एक बड़ा और साझा लक्ष्य तय किया है।
- बैठक में दोनों राष्ट्रों के बीच मजबूत आर्थिक विकास और आपसी साझेदारी के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रणनीतिक सहयोग और व्यापारिक लक्ष्य
गुरुवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को गति देना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड टस्क ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत और पोलैंड की बढ़ती आर्थिक ताकत को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लगभग $6 अरब के स्तर पर चल रहे द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक दोगुना करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रक्षा उपकरणों के निर्माण, अत्याधुनिक अंतरिक्ष अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त उद्यमों और तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
आपसी संबंधों का भविष्य और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और पोलैंड के बीच यह बढ़ती नजदीकियां यूरोपीय संघ और दक्षिण एशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों की तकनीकी क्षमताओं को भी नया विस्तार मिलेगा। इसके अलावा, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी समझौतों से दोनों देशों की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड टस्क की इस उच्चस्तरीय मुलाकात ने आने वाले वर्षों में दोनों मित्र देशों के बीच बहुआयामी सहयोग के नए द्वार खोल दिए हैं।











