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बिज़नेस

जियो प्लेटफॉर्म्स की ₹37 हजार करोड़ के आईपीओ की तैयारी, 21 अक्टूबर को खुल सकता है इश्यू

मुकेश अंबानी की कंपनी का प्रस्तावित आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम हो सकता है; करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने की योजना, 28 अक्टूबर को सूचीबद्ध होने की संभावना

जियो प्लेटफॉर्म्स की ₹37 हजार करोड़ के आईपीओ की तैयारी, 21 अक्टूबर को खुल सकता है इश्यू

AI-निर्मित तस्वीर

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए अंतिम तैयारियों में जुटी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 21 अक्टूबर 2026 को आईपीओ खोलने की योजना बना रही है और इसके जरिए करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य है। यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की 28 अक्टूबर को बाजार में सूचीबद्धता की संभावना है। हालांकि, इन तारीखों में बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदलाव हो सकता है।

करीब ₹37 हजार करोड़ का होगा इश्यू

करीब 3.8 अरब डॉलर के इस प्रस्तावित इश्यू का भारतीय मुद्रा में मूल्य लगभग 36-37 हजार करोड़ रुपये बैठता है। बाजार में इसे करीब 37 हजार करोड़ रुपये से अधिक के आईपीओ के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का करीब 2.9 अरब डॉलर का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम था।

पिछले महीने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 2.3 अरब डॉलर का आईपीओ भी बाजार में सूचीबद्ध हुआ था।

पूरी तरह नए शेयर जारी करेगी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ में नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसका मतलब है कि इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी की बिक्री के लिए इस निर्गम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखती है, जो आईपीओ के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा।

कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा बड़ा हिस्सा

आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी की योजना करीब 27,500 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने अथवा समय से पहले भुगतान करने की है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

143-146 अरब डॉलर के मूल्यांकन की चर्चा

बैंकिंग और बाजार सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों में जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए करीब 143 से 146 अरब डॉलर के उद्यम मूल्यांकन की चर्चा है। हालांकि, अंतिम मूल्यांकन और आईपीओ की कीमत का आधिकारिक निर्धारण अभी होना बाकी है।

कंपनी के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू निवेशक रोडशो पूरे हो चुके हैं और विदेशी निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात सामने आई है।

विदेशों में रोडशो के बाद अंतिम चरण में तैयारी

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी तथा रिलायंस रिटेल वेंचर्स की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर सहित कई बाजारों में निवेशकों के साथ बैठकें की हैं।

कंपनी ने जून में आईपीओ के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 28 अगस्त को अपने अंतिम अवलोकन जारी किए थे। इसके बाद आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।

टेलीकॉम से आगे बढ़ रहा जियो का कारोबार

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस समूह के कई डिजिटल कारोबार शामिल हैं, जिनमें दूरसंचार इसका प्रमुख हिस्सा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के करीब 50.6 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं और भारत के मोबाइल कनेक्शन बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 39.29 प्रतिशत है।

कंपनी का कारोबार 5जी, क्लाउड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उद्यम नेटवर्क जैसी सेवाओं तक भी विस्तार कर चुका है।

वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत

जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में 30,053 करोड़ रुपये का कर-पश्चात लाभ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान कंपनी का राजस्व 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये रहा।

अगर 21 अक्टूबर की प्रस्तावित तारीख पर आईपीओ खुलता है और 28 अक्टूबर को सूचीबद्धता होती है, तो जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में एंट्री भारत के प्राथमिक बाजार के लिए एक बड़ा घटनाक्रम होगी। हालांकि, अंतिम तारीख, मूल्य दायरा और अन्य इश्यू विवरण कंपनी की आधिकारिक पेशकश दस्तावेजों में ही तय होंगे।



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