नई दिल्ली | देश में विनिर्माण क्षेत्र को नई गति देने और आर्थिक ढांचे को मज़बूत करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा फ़ैसला लिया है। सरकार ने खेलकूद सामान और कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कुल ₹29,267 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंज़ूरी दी है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई है, जिससे सरकारी खज़ाने पर ₹10,016 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा।
मुख्य बातें
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू विनिर्माण को गति देने, खेलकूद सामान के हब स्थापित करने और पंचायत क्षमता को मज़बूत करने के लिए तीन नई योजनाओं को हरी झंडी दी है।
- खेल उद्योग के विकास के लिए खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफ़ैक्चरिंग स्कीम को मंज़ूरी दी गई है, जिसके तहत विशेष विनिर्माण ज़ोन बनाए जाएंगे।
- खेल उपकरणों के निर्माण में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए भारी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- सरकारी कर्मचारियों के लिए घोषित 3% डीए बढ़ोतरी पर कुल ₹10,016 करोड़ का खर्च आएगा।
खेल विनिर्माण और आयात पर लगाम
खेल उद्योग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाई गई खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफ़ैक्चरिंग स्कीम का मुख्य लक्ष्य देश में उत्पादन क्षमताओं को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाना है। इस पहल के तहत समर्पित विनिर्माण क्षेत्रों का विकास किया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस सेक्टर में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त वित्तीय मदद दी जाएगी।
देश में नाइकी, एएसिक्स और डेकाथलॉन जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों की विस्तार योजनाओं के बीच यह निर्णय आया है। हाल के वर्षों में मनोरंजक दौड़ और खेल गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ी है, जिससे विशेष खेल उत्पादों की मांग में भारी उछाल देखा गया है। सरकार की इस नई योजना से न केवल देश में खेल उपकरणों का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि विदेशी आयात पर निर्भरता भी काफ़ी हद तक कम होगी।
रोज़गार सृजन और ग्रामीण विकास
इन नई योजनाओं के ज़रिए देश भर में रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खेलकूद सामान विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार से स्थानीय स्तर पर हुनरमंद युवाओं को रोज़गार मिलेगा। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए पंचायत क्षमता को मज़बूत करने पर भी विशेष ज़ोर दिया जा रहा है, जिससे ज़मीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेज़ी आएगी।










