मॉस्को | यूक्रेन युद्ध के दौरान पूर्वी खेरसॉन क्षेत्र में लागू अब तक के सबसे लंबे संघर्षविराम के समाप्त होने के तुरंत बाद रूस में एक बड़ा साइबर हमला दर्ज किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल हमले ने रूसी सरकारी मंत्रालय के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन को निशाना बनाया, जिससे देश भर के नागरिकों में हड़कंप मच गया।
मुख्य बातें
- यूक्रेन युद्ध के सबसे लंबे संघर्षविराम के खत्म होने के तुरंत बाद यह साइबर हमला हुआ है।
- इस डिजिटल हमले में रूसी मंत्रालय के आधिकारिक ऐप को निशाना बनाया गया।
- हमले के बाद ऐप के ज़रिए नागरिकों को झूठी विकिरण (रेडिएशन) खतरे की चेतावनी भेजी गईं।
- यह घटना रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे कूटनीतिक और सैन्य तनाव के एक नए दौर को दर्शाती है।
साइबर सुरक्षा जानकारों और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच युद्ध के मोर्चे पर स्थिति पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। पूर्वी खेरसॉन क्षेत्र में हाल ही में समाप्त हुआ संघर्षविराम इस युद्ध का सबसे लंबा संघर्षविराम माना जा रहा था, जिसके खत्म होते ही इस प्रकार की डिजिटल घुसपैठ सामने आई है।
रूसी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि मंत्रालय के ऐप पर हुए इस अनधिकृत साइबर हमले के माध्यम से झूठी विकिरण चेतावनी प्रसारित की गईं, जिससे लोगों में भ्रम और अफ़रातफ़री की स्थिति पैदा हुई। हालांकि, आईटी और सुरक्षा विशेषज्ञों की टीमों ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित करने और ऐप की सुरक्षा प्रणालियों को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।
इस घटना के बाद से रूसी साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी चौकसी और निगरानी को अत्यधिक बढ़ा दिया है ताकि भविष्य में इस तरह के किसी भी अन्य डिजिटल खतरे या सूचना युद्ध (इन्फ़ॉर्मेशन वॉरफ़ेयर) से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।







