नई दिल्ली। भारत में टीकों से जुड़े नियामकीय रिकॉर्ड में नया अपडेट सामने आया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 29 और 30 सितंबर 2026 को अपनी आधिकारिक वैक्सीन सूची में कई नई प्रविष्टियां जारी की हैं। इनमें ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (GSK) की खसरा, गलसुआ और रूबेला (MMR) वैक्सीन, खसरा-गलसुआ-रूबेला और चिकनपॉक्स (MMRV) वैक्सीन तथा वैरीसेला वैक्सीन शामिल हैं। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की पोलियो वैक्सीन POLIOVAC-RD की प्रविष्टि भी 30 सितंबर को सूचीबद्ध की गई है।
सीडीएससीओ की सूची में क्या दर्ज हुआ?
सीडीएससीओ के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 29 सितंबर को जीएसके से जुड़ी तीन प्रविष्टियां जारी की गईं। इनमें Measles, Mumps and Rubella Vaccine, Measles, Mumps, Rubella and Varicella Vaccine तथा Varicella Vaccine शामिल हैं।
30 सितंबर को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की POLIOVAC-RD के नाम से प्रविष्टि दर्ज हुई। सीडीएससीओ के रिकॉर्ड में इसे निष्क्रिय सॉल्क पोलियो वैक्सीन के रूप में दर्ज किया गया है।
MMR और MMRV वैक्सीन में क्या अंतर है?
एमएमआर वैक्सीन खसरा, गलसुआ और रूबेला से बचाव के लिए इस्तेमाल की जाती है। वहीं एमएमआरवी वैक्सीन इन तीनों संक्रमणों के साथ वैरीसेला यानी चिकनपॉक्स से भी सुरक्षा देने के लिए बनाई गई है।
वैरीसेला वैक्सीन का उपयोग चिकनपॉक्स से बचाव के लिए किया जाता है। इन टीकों से जुड़े नियामकीय रिकॉर्ड का सीडीएससीओ की वेबसाइट पर सार्वजनिक होना वैक्सीन संबंधी नियामकीय प्रक्रिया में एक नई प्रविष्टि को दर्शाता है।
पोलियो वैक्सीन POLIOVAC-RD भी सूची में
सीरम इंस्टीट्यूट की POLIOVAC-RD के लिए सीडीएससीओ ने जुलाई 2026 में सार्वजनिक मूल्यांकन रिपोर्ट भी जारी की थी। मार्च 2026 तक उपलब्ध विनिर्माण अनुमति के रिकॉर्ड में भी POLIOVAC-RD का उल्लेख है। दस्तावेज के अनुसार यह छह से आठ सप्ताह की आयु के शिशुओं के सक्रिय टीकाकरण के लिए निष्क्रिय सॉल्क पोलियो वैक्सीन है।
एमएमआर वैक्सीन के लिए भी 2026 में नियामकीय प्रक्रिया जारी रही है। मई में विषय विशेषज्ञ समिति ने जीएसके की एमएमआर वैक्सीन के भारत में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सकीय निर्देशों में कुछ बदलावों को मंजूरी देने की सिफारिश की थी। इसमें गर्भावस्था और स्तनपान से जुड़ी जानकारी तथा कुछ परिस्थितियों में टीके के उपयोग संबंधी सावधानियों को अपडेट करने का प्रस्ताव शामिल था।
क्या इसका मतलब नई वैक्सीन बाजार में आ गई?
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। सीडीएससीओ की वेबसाइट पर किसी वैक्सीन की नई प्रविष्टि को अपने आप देशभर में उसके नए लॉन्च या सभी लोगों के लिए तत्काल उपलब्ध होने की घोषणा नहीं माना जा सकता।
सीडीएससीओ की वैक्सीन सूची में अलग-अलग प्रकार के नियामकीय रिकॉर्ड प्रकाशित किए जाते हैं। इनमें वैक्सीन से संबंधित दस्तावेज, विनिर्माण अनुमति, सार्वजनिक मूल्यांकन रिपोर्ट और विशेषज्ञ समितियों से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। इसलिए किसी विशेष वैक्सीन की बाजार में उपलब्धता, कीमत या सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने के बारे में अलग से संबंधित अनुमति और आधिकारिक दिशानिर्देश देखना जरूरी है।
भारत में वैक्सीन नियमन पर लगातार अपडेट
सीडीएससीओ की सूची में 2026 के दौरान अन्य टीकों से जुड़े रिकॉर्ड भी जारी किए गए हैं। इनमें डेंगू की चार प्रकारों वाली वैक्सीन, हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन और अन्य संयुक्त टीकों से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि देश में वैक्सीन के विकास, विनिर्माण और नियामकीय प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।
लोगों के लिए इसका क्या मतलब?
ताजा प्रविष्टियों का सीधा अर्थ यह नहीं है कि लोगों के टीकाकरण कार्यक्रम में तुरंत कोई बदलाव हो गया है। किसी व्यक्ति को कौन सा टीका, किस उम्र में और किस अंतराल पर दिया जाना चाहिए, यह संबंधित चिकित्सकीय दिशानिर्देश और सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम पर निर्भर करता है।
फिलहाल 29 और 30 सितंबर को जारी सीडीएससीओ रिकॉर्ड में पोलियो, एमएमआर, एमएमआरवी और वैरीसेला टीकों से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। आगे इन रिकॉर्ड से संबंधित अतिरिक्त अनुमति, उपलब्धता या उपयोग के निर्देश जारी होने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।







