नई दिल्ली। अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन और जयदीप अहलावत की फिल्म ‘दृश्यम 3’ की 2 अक्टूबर को प्रस्तावित रिलीज से ठीक पहले इसके अधिकारों को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है। चेन्नई की राजकुमार थिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने फिल्म की दुनिया भर में रिलीज और वितरण पर रोक लगाने की मांग करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया है।
राजकुमार थिएटर्स का आरोप है कि हिंदी में ‘दृश्यम 3’ बनाने और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करने से पहले कंपनी के साथ जुड़े संविदात्मक अधिकारों का पालन नहीं किया गया। कंपनी ने अदालत से फिल्म की रिलीज, वितरण और व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने की मांग की है।
क्या है पूरा अधिकार विवाद?
राजकुमार थिएटर्स का कहना है कि उसे भारत में ‘दृश्यम’ के रीमेक या रूपांतरण के लिए पहले अधिकार दिए जाने का प्रावधान है। कंपनी के अनुसार, हिंदी में बनी ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ के लिए उससे अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया था, लेकिन तीसरी फिल्म के मामले में उसे वही अवसर नहीं दिया गया।
राजकुमार थिएटर्स के राजकुमार सेतुपति ने दावा किया है कि कंपनी के पास किसी भी भारतीय रीमेक या रूपांतरण के लिए पहले अधिकार का प्रावधान है। उनका कहना है कि इसी आधार पर हिंदी ‘दृश्यम 3’ के खिलाफ अदालत का रुख किया गया है।
कंपनी ने यह भी दावा किया है कि फिल्म के तमिल और तेलुगु में डब किए गए संस्करणों को आगे चलकर ओटीटी मंच पर जारी किए जाने की संभावना है। कंपनी का कहना है कि इससे उसके कथित संविदात्मक और बौद्धिक संपदा अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
मामला 29 सितंबर को अदालत पहुंचा था
इस मामले में तत्काल सुनवाई 29 सितंबर को मद्रास उच्च न्यायालय में हुई थी। न्यायालय ने फिल्म निर्माताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया और अगली सुनवाई 1 अक्टूबर के लिए तय की थी।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अदालत के सामने फिलहाल यह सवाल है कि संबंधित पक्षों के बीच हुए पुराने समझौतों में रीमेक और रूपांतरण के अधिकार किस तरह तय किए गए थे। जब तक इस विवाद पर अदालत का आदेश नहीं आता, तब तक राजकुमार थिएटर्स के आरोपों को अधिकारों के उल्लंघन का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
फिल्म की रिलीज पर क्या असर पड़ेगा?
‘दृश्यम 3’ की रिलीज 2 अक्टूबर 2026 को तय है। राजकुमार थिएटर्स ने दुनिया भर में फिल्म की रिलीज और वितरण रोकने की मांग की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि फिल्म की सिनेमाघरों में प्रस्तावित रिलीज पर स्थायी या अंतिम रोक लगाई गई है।
इसलिए फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर अंतिम स्थिति अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी। केवल याचिका दायर होने से फिल्म का प्रदर्शन अपने आप रद्द नहीं माना जा सकता।
पहले भी सामने आ चुका है अधिकारों का विवाद
‘दृश्यम’ से जुड़े अधिकारों को लेकर राजकुमार थिएटर्स और फिल्म से जुड़े अन्य पक्षों के बीच पहले भी कानूनी कार्यवाही हो चुकी है। जून 2026 में मद्रास उच्च न्यायालय ने मलयालम फिल्म ‘दृश्यम 3’ के तेलुगु डब संस्करण को ओटीटी पर जारी करने के मामले में राजकुमार थिएटर्स की याचिका पर अंतरिम रोक लगाई थी। अदालत के रिकॉर्ड में कंपनी ने तेलुगु संस्करण के रीमेक और व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े विशेष कॉपीराइट का दावा किया था।
अब हिंदी संस्करण को लेकर नया मामला सामने आया है। कंपनी का कहना है कि तीसरी फिल्म के लिए भी उसके संविदात्मक अधिकारों पर विचार किया जाना चाहिए।
‘दृश्यम









