मेरठ। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मेरठ की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में सजा पर सुनवाई के बाद यह फैसला आया। अदालत ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया।
महाभारत का उल्लेख कर अदालत ने सुनाई सजा
सजा सुनाते समय न्यायाधीश ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को उनके अपराध के अनुरूप दंड देना भी धर्म है। अभियोजन पक्ष के वकील केके चौबे के अनुसार, अदालत ने हत्या की गंभीरता और मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए दोनों को मृत्युदंड दिया। हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराधों के लिए दोनों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया।
मार्च 2025 में हुई थी सौरभ की हत्या
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मुस्कान और साहिल पर सौरभ राजपूत की हत्या करने का आरोप लगा। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे और लंदन से मेरठ लौटे थे। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में रखे गए और उसमें सीमेंट भरकर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई। ड्रम से दुर्गंध आने के बाद मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
13 महीने चली सुनवाई, 22 से अधिक गवाहों के बयान
मामले की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए और अदालत में साक्ष्य पेश किए। सितंबर 2026 के अंत में अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को सजा सुनाई गई। फैसले के समय दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया, जबकि सौरभ की मां और भाई अदालत में मौजूद रहे।
परिवार ने की थी कड़ी सजा की मांग
सौरभ के परिवार ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। अदालत के फैसले के बाद परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया। इस मामले ने हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के प्रयास और घरेलू संबंधों से जुड़े अपराधों को लेकर देशभर में व्यापक चर्चा पैदा की है।








