लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि 'नए उत्तर प्रदेश' में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। सरकार अपराधियों और माफिया तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य में माफिया तत्वों की ₹15000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्तियों को जब्त किया गया है।
- सरकार ने पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनके 3 प्रमुख भत्तों में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है।
- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
- राज्य सरकार ने कानून के राज को सर्वोपरि रखते हुए अपराधियों पर नकेल कसने की नीति को और तेज कर दिया है।
माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई
राज्य सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में माफिया तत्वों और अपराधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को निशाना बनाया गया है। अब तक ₹15000 करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क या जब्त किया जा चुका है, जिससे अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि राज्य में किसी भी प्रकार के माफिया तंत्र को पनपने नहीं दिया जाएगा।
पुलिस बल के लिए बड़े ऐलान
कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए उनके 3 भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अधिक मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे। सरकार का यह फैसला सुरक्षा बलों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा और भविष्य की दिशा
प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे इन कदमों का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश, व्यापार और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है। सरकार ने दोहराया है कि जनता की सुरक्षा और कानून का राज कायम रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी अपराधियों के खिलाफ इसी प्रकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी, ताकि राज्य को पूरी तरह से अपराधमुक्त बनाया जा सके।








