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अपराध

घाटी में दहशत फैलाने की साज़िश, फ़र्ज़ी आतंकी धमकी वाले पोस्टर वायरल करने के आरोप में कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट गिरफ़्तार

घाटी में कश्मीरी पंडित समुदाय को निशाना बनाकर फर्जी आतंकी धमकी भरे ऑनलाइन पोस्टर प्रसारित करने के मामले में एक कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में साइबर आतंकवाद के तहत अपराध की पुष्टि हुई है।

घाटी में दहशत फैलाने की साज़िश, फ़र्ज़ी आतंकी धमकी वाले पोस्टर वायरल करने के आरोप में कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट गिरफ़्तार

AI-निर्मित तस्वीर

श्रीनगर | घाटी में कश्मीरी पंडित समुदाय को निशाना बनाकर सनसनीखेज़ ऑनलाइन धमकी भरे पोस्टर प्रसारित करने के मामले में पुलिस ने एक कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट को गिरफ़्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक पुलिस जाँच में यह बात सामने आई है कि सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के ज़रिए फैलाए गए इन धमकी भरे पोस्ट्स के पीछे 'सोल्जर्स ऑफ़ रेजिस्टेंस' और 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' जैसे फ़र्ज़ी या प्रतिबंधित आतंकी संगठनों का नाम इस्तेमाल किया गया था। इस गंभीर कृत्य को लेकर पुलिस ने साइबर आतंकवाद से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

मुख्य बातें -

कश्मीरी पंडित समुदाय को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन धमकी भरे पोस्टर वायरल करने के आरोप में एक कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट को गिरफ़्तार किया गया है।

  • पुलिस जाँच में प्रथम दृष्टया साइबर आतंकवाद के तहत अपराध का मामला साबित हुआ है।
  • धमकियों को 'सोल्जर्स ऑफ़ रेजिस्टेंस' और 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' जैसे संगठनों द्वारा जारी किया गया बताया गया था।
  • धमकियों के बाद एहतियात के तौर पर स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्तों और श्वान दलों को स्कूलों में तैनात किया गया था।

सुरक्षा और एहतियाती कदम

इन ऑनलाइन धमकियों के सामने आने के बाद घाटी में सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हो गईं। शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाए जाने की आशंका के चलते स्थानीय पुलिस, बम डिटेक्शन टीमों और डॉग स्क्वॉड को विभिन्न स्कूलों में तैनात किया गया। स्कूल अधिकारियों ने भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कई एहतियाती उपाय अपनाए ताकि छात्रों और परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जाँच और आगे की कार्रवाई

पुलिस और साइबर सेल के अधिकारी इस मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साज़िश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि साइबर स्पेस का इस्तेमाल कर समाज में भय और तनाव पैदा करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



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